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अगर आप शेयर मार्केट में निवेश करते हैं या आपके पोर्टफोलियो में Vedanta का शेयर है, तो पिछले कुछ दिनों की खबरें आपके लिए बहुत एक्साइटिंग रही होंगी। जनवरी 2026 की शुरुआत में ही Vedanta Demerger को लेकर एक बहुत बड़ी अपडेट सामने आई है, जिसने इन्वेस्टर्स के बीच हलचल मचा दी है।
सोचो अगर आपके पास एक ऐसी कंपनी का शेयर हो जो कल को 5 अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बदल जाए? कुछ ऐसा ही होने जा रहा है अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता के साथ। NCLT (National Company Law Tribunal) की तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद अब यह प्लान अपने आखिरी स्टेज में है।
इस आर्टिकल में हम विस्तार से समझेंगे:
- Vedanta Demerger का असल मतलब और कंपनियों की लिस्ट।
- शेयरहोल्डर्स को मिलने वाला 1:1 share ratio और उसका कैलकुलेशन।
- जनवरी 2026 की लेटेस्ट NCLT अपडेट और शेयर प्राइस टारगेट।
क्या है Vedanta Demerger? आसान भाषा में समझें
सरल भाषा में कहें तो Vedanta Demerger का मतलब है कि एक बड़ी कंपनी अपने अलग-अलग बिजनेस (जैसे एल्युमिनियम, पावर, ऑयल, स्टील) को अलग करके नई इंडिपेंडेंट कंपनियां बनाएगी। अभी तक ये सभी बिजनेस ‘Vedanta Limited’ के अंदर ही आते थे, जिससे मार्केट को इसे वैल्यू करने में थोड़ी मुश्किल होती थी।
अनिल अग्रवाल का मानना है कि जैसे एक बरगद के पेड़ के नीचे छोटे पौधे नहीं उग पाते, वैसे ही वेदांता के बड़े स्ट्रक्चर में इसके बेहतरीन बिजनेस अपनी असली वैल्यू नहीं दिखा पा रहे थे। अब इन सबको “धूप में बाहर निकाला जा रहा है” ताकि हर बिजनेस खुद को ग्रो कर सके।

NCLT Approval: जनवरी 2026 की ताज़ा खबर
9 जनवरी 2026 को NCLT मुंबई बेंच ने वेदांता के demerger scheme को मंजूरी दे दी है। यह एक बहुत बड़ा माइलस्टोन है क्योंकि इसके बिना प्रोसेस आगे नहीं बढ़ सकता था।
- Creditors का सपोर्ट: कंपनी के 100% सिक्योर क्रेडिटर्स और 99.99% अनसिक्योर क्रेडिटर्स ने इस प्लान के पक्ष में वोट किया है।
- Power Business का रास्ता साफ़: Talwandi Sabo Power Ltd (TSPL) के साथ जुड़ा विवाद सुलझने के बाद कोर्ट ने इस पर मुहर लगा दी है।
- Timeline: कंपनी ने लक्ष्य रखा है कि March 2026 तक यह पूरा प्रोसेस खत्म हो जाएगा और शेयर बाजार में नई कंपनियां लिस्ट हो जाएंगी।
Vedanta 1:5 Split? शेयरहोल्डर्स को क्या मिलेगा?
अक्सर लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि क्या यह स्टॉक स्प्लिट है? नहीं, यह एक Demerger है। यहाँ आपको 1 शेयर के बदले में 4 नई कंपनियों के शेयर मिलेंगे और ओरिजिनल वेदांता का शेयर आपके पास रहेगा। यानी टोटल आपके पास 5 कंपनियों के शेयर होंगे।
बनने वाली नई कंपनियों की लिस्ट:
- Vedanta Aluminium: भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम प्रोड्यूसर।
- Vedanta Oil & Gas: केयर्न इंडिया (Cairn India) वाला बिजनेस।
- Vedanta Power: जिसमें तलवंडी साबो जैसे पावर प्लांट्स होंगे।
- Vedanta Iron & Steel: आयरन ओर माइनिंग और स्टील मैन्युफैक्चरिंग।
- Vedanta Limited (Parent): इसमें हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc) की हिस्सेदारी और नए टेक बिजनेस (Semiconductors) रहेंगे।
Note: शेयर रेश्यो 1:1 रखा गया है। यानी अगर आपके पास आज वेदांता के 100 शेयर हैं, तो डीमर्जर के बाद आपके पास ऊपर दी गई चारों नई कंपनियों के भी 100-100 शेयर आ जाएंगे। आपके पास टोटल 500 शेयर (अलग-अलग कंपनियों के) हो जाएंगे।
Analysis: फायदे और नुकसान
फायदे (Pros):
- Value Unlocking: हर बिजनेस की अलग वैल्यू मार्केट में दिखेगी, जिससे शेयर प्राइस बढ़ने के चांस हैं।
- Focused Management: हर कंपनी का अपना CEO और बोर्ड होगा, जो सिर्फ अपने सेक्टर पर ध्यान देगा।
- Direct Choice: अगर आपको सिर्फ ऑयल में पैसा लगाना है, तो आप सिर्फ ‘Vedanta Oil & Gas’ के शेयर रख सकते हैं।
नुकसान (Risks):
- Debt Allocation: वेदांता पर काफी कर्ज है। किस कंपनी को कितना कर्ज मिलेगा, यह एक बड़ा सिरदर्द हो सकता है।
- Commodity Cycle: मेटल और ऑयल की कीमतें ग्लोबल मार्केट पर निर्भर करती हैं। अगर मंदी आई तो सभी कंपनियों पर असर पड़ेगा।
- Regulatory Delays: हालांकि NCLT ने हाँ कर दी है, लेकिन अभी भी कुछ और कागजी कार्रवाई बाकी है।
क्या आपको अब निवेश करना चाहिए?
हर इन्वेस्टर की जरूरत अलग होती है। यहाँ देखें आप किस कैटेगरी में आते हैं:
- Long-term Investors: अगर आप 2-3 साल रुक सकते हैं, तो यह डीमर्जर आपके लिए जैकपॉट साबित हो सकता है क्योंकि अलग-अलग कंपनियों की लिस्टिंग से अच्छी वैल्यू मिल सकती है।
- Dividend Lovers: वेदांता अपने भारी-भरकम डिविडेंड के लिए मशहूर है। कंपनी ने कहा है कि डीमर्जर के बाद भी वो शेयरहोल्डर्स को रिवॉर्ड देना जारी रखेंगे।
- Short-term Traders: अभी शेयर प्राइस ₹610 के आसपास ट्रेड कर रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि डीमर्जर तक यह ₹650-700 का लेवल छू सकता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
Vedanta Demerger भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास का एक बहुत बड़ा इवेंट होने जा रहा है। जनवरी 2026 की NCLT अपडेट ने यह साफ़ कर दिया है कि कंपनी अब रुकने वाली नहीं है। अगर आप एक रिस्क लेने वाले और वैल्यू ढूँढने वाले इन्वेस्टर हैं, तो इस ट्रांजेक्शन पर करीब से नज़र रखना ज़रूरी है।
Next Steps:
- अगली तिमाही (Q3 FY26) के रिजल्ट्स पर ध्यान दें।
- कंपनी द्वारा घोषित की जाने वाली ‘Record Date’ का इंतज़ार करें।
- अपने Financial Advisor से सलाह लें क्योंकि मेटल स्टॉक्स में volatility बहुत ज़्यादा होती है।
FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Vedanta Demerger की रिकॉर्ड डेट क्या है?
अभी तक कंपनी ने आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड डेट का ऐलान नहीं किया है। उम्मीद है कि फरवरी या मार्च 2026 तक इसकी घोषणा हो जाएगी।
क्या मुझे नई कंपनियों के शेयर के लिए अलग से पैसे देने होंगे?
नहीं, अगर रिकॉर्ड डेट के दिन आपके डीमैट खाते में वेदांता के शेयर हैं, तो नई कंपनियों के शेयर आपको फ्री में (रेश्यो के हिसाब से) मिल जाएंगे।
Vedanta Demerger के बाद वेदांता के पुराने शेयर का क्या होगा?
पुराना शेयर ‘Vedanta Limited’ के नाम से ही ट्रेड करता रहेगा, लेकिन उसकी वैल्यू थोड़ी कम हो जाएगी क्योंकि एसेट्स दूसरी कंपनियों में बंट चुके होंगे। हालांकि, नई कंपनियों के शेयरों की वैल्यू उसे बैलेंस कर देगी।
क्या हिंदुस्तान जिंक भी अलग हो रही है?
नहीं, हिंदुस्तान जिंक अभी भी वेदांता लिमिटेड (Parent Company) के हिस्से के रूप में ही रहेगी।
Disclaimer
यह आर्टिकल केवल जानकारी (Informational Purpose) के लिए है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी फैसले से पहले NSE India की वेबसाइट पर मौजूद डाक्यूमेंट्स पढ़ें और SEBI रजिस्टर्ड एडवाइजर की सलाह लें। लेखक किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं है।
