शेयर बाजार में जब भी किसी ‘ब्लू चिप’ कंपनी के दाम गिरते हैं, तो हर निवेशक के कान खड़े हो जाते हैं। पिछले दो दिनों में ITC के शेयरों में करीब 14% की गिरावट ने निवेशकों के बीच हलचल मचा दी है। जहाँ एक तरफ मार्केट में पैनिक है, वहीं दूसरी तरफ दिग्गज फंड मैनेजर Rajiv Jain (GQG Partners) का पुराना बयान चर्चा में है, जिसमें उन्होंने इसे एक बेहतरीन ग्रोथ स्टोरी बताया था।
अगर आप एक लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर हैं या ITC के डिविडेंड के भरोसे बैठे हैं, तो यह खबर आपके पोर्टफोलियो के लिए बहुत ज़रूरी है।
इस आर्टिकल में हम चर्चा करेंगे:
- ITC के शेयरों में अचानक आई इस गिरावट की असली वजह।
- सरकार के नए टैक्स नियमों का सिगरेट बिजनेस पर असर।
- Rajiv Jain और GQG Partners का इस स्टॉक को लेकर क्या स्टैंड है।
Table of Contents
ITC के शेयरों में भारी गिरावट की असल वजह (Background)
शेयर बाजार में 2 जनवरी 2026 की सुबह ITC के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। शेयर 4% गिरकर ₹348.65 के स्तर पर आ गया, जिससे दो दिनों की कुल गिरावट 14% तक पहुँच गई। इस गिरावट की वजह से कंपनी की मार्केट कैप में करीब ₹72,000 करोड़ की भारी कमी आई है।
इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा हाथ सरकार का एक फैसला है। सरकार ने सिगरेट पर Excise Duty में बढ़ोतरी कर दी है, जो ₹2,050 से ₹8,500 प्रति हजार स्टिक्स के बीच है। यह नियम 1 फरवरी 2026 से लागू होने वाला है। मार्केट एक्सपर्ट्स को डर है कि इस टैक्स बढ़ोतरी से सिगरेट की कीमतें बढ़ेंगी और बिक्री (volumes) में गिरावट आ सकती है।
Rajiv Jain (GQG Partners) ने क्यों कहा था इसे ‘Great Growth Story’? (Core Analysis)
जब आज लोग शेयर बेचने की होड़ में हैं, तब राजीव जैन का नजरिया याद करना ज़रूरी है। दो साल पहले GQG Partners ने ITC में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई थी।
राजीव जैन के निवेश के पीछे के 3 मुख्य कारण:
- Reasonable Valuation: जैन का मानना था कि 23x earnings पर ITC का वैल्युएशन “Incredibly Attractive” है।
- FMCG Business का दम: ITC अब सिर्फ एक सिगरेट कंपनी नहीं रही। उनका FMCG पोर्टफोलियो (Aashirvaad, Sunfeast, आदि) अब मुनाफे के लेवल पर पहुँच चुका है।
- Earnings Growth: जैन ने अनुमान लगाया था कि ITC लोअर डबल-डिजिट (14-15%) की ग्रोथ दिखाने की क्षमता रखता है।
दिलचस्प बात यह है कि सितंबर 2025 तक GQG फंड्स के पास ITC में 3.75% की हिस्सेदारी थी। इससे पता चलता है कि बड़े निवेशकों का भरोसा इस कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर अभी भी टिका हुआ है।
ITC Share Analysis: फायदे और चुनौतियां
किसी भी निवेश से पहले इन पॉइंट्स पर गौर करें:
मजबूत पक्ष (Pros):
- FMCG Growth: सिगरेट के अलावा बाकी बिजनेस अब रफ़्तार पकड़ रहे हैं।
- Strong Cash Flow: कंपनी के पास नकदी की कोई कमी नहीं है, जो डिविडेंड पेआउट में मदद करती है।
- Institutional Support: GQG जैसे बड़े ग्लोबल फंड्स का भारी निवेश।
जोखिम (Risks):
- Regulatory Changes: सरकार का टैक्स बढ़ाना सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर है।
- Volume Decline: बढ़ती कीमतों की वजह से सिगरेट पीने वालों की संख्या में कमी आ सकती है।
- Market Sentiment: बजट के आसपास अक्सर ITC के शेयरों में अस्थिरता (volatility) बढ़ जाती है।
यह खबर किस टाइप के निवेशक के लिए है?
- Value Investors: अगर आप वैल्युएशन देखकर खरीदते हैं, तो राजीव जैन की तरह आपको यह गिरावट एक मौका लग सकती है।
- Dividend Seekers: ITC अपने भारी डिविडेंड के लिए जानी जाती है। गिरावट में खरीदारी करने से ‘Dividend Yield’ बढ़ जाती है।
- Short-term Traders: अभी स्टॉक में ‘Negative Momentum’ है, इसलिए बिना स्टॉप-लॉस के एंट्री करना रिस्की हो सकता है।
निष्कर्ष: क्या आपको अभी खरीदना चाहिए? (Opinion)
सिंपल लैंग्वेज में बोले तो, ITC का गिरना पूरी तरह से ‘Taxation’ से जुड़ा हुआ है। ऐतिहासिक तौर पर देखा गया है कि ITC ऐसी टैक्स बढ़ोतरी को झेल लेती है और कीमतें बढ़ाकर अपना मुनाफा बरकरार रखती है।
अगर आप राजीव जैन की ‘Great Growth Story’ में यकीन रखते हैं, तो यह गिरावट आपके लिए पोर्टफोलियो में स्टॉक्स जोड़ने का समय हो सकता है। लेकिन, बजट के और भी नियम आने बाकी हैं, इसलिए एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय किश्तों (SIP mode) में खरीदना बेहतर रणनीति हो सकती है।
Next Steps:
- कंपनी के आने वाले तिमाही नतीजों (Q3 Results) पर नज़र रखें।
- अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से चर्चा करें कि क्या यह आपके रिस्क प्रोफाइल में फिट बैठता है।
- सिगरेट के अलावा होटल और पेपर बिजनेस की परफॉरमेंस को भी ट्रैक करें।
FAQs: ITC Share Price से जुड़े सवाल
1. ITC का शेयर क्यों गिर रहा है? सरकार द्वारा सिगरेट पर Excise Duty बढ़ाने के फैसले के कारण निवेशक डरे हुए हैं, जिससे शेयर में गिरावट आई है।
2. राजीव जैन की कंपनी GQG की ITC में कितनी हिस्सेदारी है? लेटेस्ट डेटा के अनुसार, सितंबर 2025 तिमाही तक GQG के पास करीब 3.75% हिस्सेदारी थी।
3. क्या ITC एक मल्टीबैगर स्टॉक बन सकता है? राजीव जैन के अनुसार, यह एक स्थिर ग्रोथ स्टोरी है जो 14-15% की ग्रोथ दे सकती है, लेकिन इसमें ‘Multiple Expansion’ की उम्मीद कम है।
4. क्या यह गिरावट खरीदारी का सही मौका है? लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए ब्लू-चिप कंपनियों में ऐसी गिरावट अक्सर अच्छा एंट्री पॉइंट साबित होती है, लेकिन निवेश से पहले अपनी रिसर्च ज़रूर करें।
Disclaimer
यह आर्टिकल केवल एजुकेशनल और इंफॉर्मेशनल पर्पस के लिए है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में पैसा लगाने से पहले खुद रिसर्च करें या अपने SEBI रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।
