मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- विवाद की जड़: ऑस्ट्रेलिया ने 1 नवंबर 2023 के बाद भारत में ‘Abhayrab’ वैक्सीन लगवाने वाले यात्रियों को फिर से वैक्सीनेशन कराने की सलाह दी है।
- कंपनी का पक्ष: निर्माता कंपनी IIL का कहना है कि उन्होंने केवल एक बैच (KA24014) में गड़बड़ी पाई थी, जिसे जनवरी 2025 में ही हटा लिया गया था।
- खतरा: रेबीज 100% जानलेवा बीमारी है, इसलिए प्रभावी वैक्सीन का न होना सीधे मौत को बुलावा देना है।
- असर: दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में नकली डोज मिलने की आशंका जताई गई है।
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Indian Rabies Vaccine Controversy 2025: क्या है पूरा मामला?
हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई स्वास्थ्य अधिकारियों ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उनके अनुसार, भारत में नवंबर 2023 से नकली रेबीज वैक्सीन Abhayrab सर्कुलेशन में है। रेबीज एक ऐसा वायरस है जिसके लक्षण दिखने के बाद इलाज नामुमकिन है, इसलिए वैक्सीन की गुणवत्ता से समझौता जानलेवा हो सकता है।
Information Gain: क्या सच में 2023 से खतरा है?
ऑस्ट्रेलियाई एजेंसी (ATAGI) का दावा है कि ये नकली टीके असली जैसे ही दिखते हैं, लेकिन इनमें सक्रिय तत्व (Antigens) नहीं हैं। हालांकि, भारतीय निर्माता Indian Immunologicals Limited (IIL) ने स्पष्ट किया है कि ऑस्ट्रेलिया का “2023 वाला दावा” गलत है। कंपनी के अनुसार, उन्होंने खुद जनवरी 2025 में बैच नंबर KA24014 में पैकेजिंग की खामी पकड़ी थी और तुरंत पुलिस व रेगुलेटर्स को सूचित किया था।
वैक्सीन की प्रामाणिकता की जाँच
| विवरण (Details) | ऑस्ट्रेलियाई अलर्ट (Advisory) | कंपनी का स्पष्टीकरण (IIL) |
| प्रभावित अवधि | 1 नवंबर 2023 से अब तक | केवल जनवरी 2025 (पहचाना गया) |
| प्रभावित ब्रांड | Abhayrab (अज्ञात ब्रांड भी संदिग्ध) | सिर्फ विशिष्ट बैच (KA24014) |
| सुझाव | दोबारा पूरा वैक्सीनेशन कराएं | अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर से ली गई दवा सुरक्षित है |
| प्रभावित क्षेत्र | दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, अहमदाबाद | बाजार से बैच वापस लिया जा चुका है |
पीछे की कहानी: कैसे होती है वैक्सीन की जालसाजी?
वैक्सीन की जालसाजी अक्सर दो तरह से होती है:
- पैकेजिंग नकल: खाली शीशियों (Vials) में साधारण पानी या सलाइन भरकर असली लेबल लगा देना।
- कोल्ड चेन का टूटना: असली वैक्सीन भी अगर सही तापमान (2°C से 8°C) पर न रखी जाए, तो वह ‘नकली’ के बराबर ही बेअसर हो जाती है। IIL का कहना है कि उनकी 40% मार्केट हिस्सेदारी है और हर बैच Central Drugs Laboratory (CDL) द्वारा टेस्टेड होता है।
क्या आपको पता है?
भारत में हर साल लगभग 18,000 से 20,000 मौतें रेबीज से होती हैं। दुनिया में रेबीज से होने वाली हर तीसरी मौत भारत में होती है, यही कारण है कि वैक्सीन की शुद्धता पर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इतनी सख्त रहती हैं।
People Also Ask (FAQs)
1. मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरी वैक्सीन नकली थी?
नकली वैक्सीन को आंखों से पहचानना मुश्किल है। अगर आपने 1 नवंबर 2023 के बाद ‘Abhayrab’ लगवाई है और आपको संदेह है, तो अपने डॉक्टर से एंटीबॉडी टेस्ट (Titre Test) के बारे में सलाह लें।
2. क्या मुझे फिर से वैक्सीन लगवानी चाहिए?
यदि आप ऑस्ट्रेलिया या ब्रिटेन जैसे देशों की यात्रा कर रहे हैं, तो वहां के नियम सख्त हैं। भारत में, अपने डॉक्टर को अपनी वैक्सीन की रसीद या बैच नंबर दिखाएं। केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दोबारा डोज लें।
3. क्या Abhayrab सुरक्षित है?
IIL का दावा है कि उनके अधिकृत केंद्रों और सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध स्टॉक 100% सुरक्षित है। केवल अनधिकृत या छोटे क्लीनिकों से ली गई दवाओं पर सवाल उठे हैं।
4. कौन से बैच नंबर संदिग्ध हैं?
कंपनी ने आधिकारिक तौर पर Batch No. KA24014 का उल्लेख किया है। यदि आपके पास इस बैच की शीशी या रिकॉर्ड है, तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें।
