रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के नतीजे हर साल इन्वेस्टर्स के लिए किसी त्योहार या सस्पेंस थ्रिलर से कम नहीं होते। कल यानी 16 जनवरी 2026 को कंपनी ने अपने Q3 FY26 के नतीजे घोषित किए हैं। अगर आप एक शेयर होल्डर हैं या मार्केट को ट्रैक करते हैं, तो आपको पता होगा कि रिलायंस का एक छोटा सा फैसला भी निफ्टी को हिला सकता है।
इस बार के नतीजे ‘मिक्स बैग’ रहे हैं कुछ सेगमेंट्स में रॉकेट जैसी ग्रोथ दिखी है, तो कुछ में थोड़ी सुस्ती। चलिए, रिलायंस की इस बैलेंस शीट को आसान हिंग्लिश में डिकोड करते हैं।
Table of Contents
इस पोस्ट में आपको क्या मिलेगा:
- Q3 FY26 Highlights: ताज़ा नतीजों का पूरा कच्चा चिट्ठा।
- Historical Performance: पिछले 3-4 सालों में रिलायंस ने तीसरी तिमाही में कैसा परफॉर्म किया।
- Segment-wise Analysis: Jio, Retail और O2C (Oil-to-Chemicals) की कहानी।
- Future Outlook: क्या अब शेयर खरीदने का सही समय है?
Reliance Industries Q3 FY26: ताज़ा आंकड़े (Latest Update)
सोचो अगर आपकी सैलरी 10% बढ़े लेकिन खर्चा 12% बढ़ जाए, तो बचत कम हो जाती है। रिलायंस के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। रेवेन्यू में तो अच्छी बढ़त है, लेकिन ब्याज और डेप्रिसिएशन की वजह से प्रॉफिट पर थोड़ा दबाव दिखा है।
| Parameter | Q3 FY26 (Current) | Q3 FY25 (Last Year) | YoY Growth (%) |
| Consolidated Revenue | ₹2,93,829 Cr | ₹2,67,186 Cr | ~10% ↑ |
| Consolidated EBITDA | ₹50,932 Cr | ₹48,003 Cr | 6.1% ↑ |
| Net Profit (Attributable) | ₹18,645 Cr | ₹18,540 Cr | 0.6% ↑ |
Interesting Observation: रेवेन्यू 10% बढ़ा है, लेकिन नेट प्रॉफिट लगभग फ्लैट रहा है। इसका मतलब है कि कंपनी अभी अपने ‘New Energy’ और ‘AI’ प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश (CapEx) कर रही है, जिसका असर मुनाफे पर पड़ रहा है।
Reliance Industries Q3 Results History: पिछले कुछ सालों का सफर
पिछले 5 सालों की Reliance Industries Q3 results history को देखें तो समझ आता है कि कंपनी अब एक ‘ऑयल कंपनी’ से ‘कंज्यूमर टेक कंपनी’ बन चुकी है।
- Q3 FY22: कोविड के बाद रिकवरी का साल। यहाँ O2C बिजनेस ने कमाल किया था और पेट्रोकेमिकल मार्जिन्स रिकॉर्ड स्तर पर थे।
- Q3 FY23: डिजिटल रिवोल्यूशन का साल। Jio की 5G रोलआउट की वजह से पहली बार डिजिटल रेवेन्यू ने भारी उछाल मारी।
- Q3 FY24: रिटेल सेगमेंट का दबदबा बढ़ा। रिलायंस रिटेल ने फुटफॉल और स्टोर्स की संख्या में नए रिकॉर्ड बनाए।
- Q3 FY25: स्टेबल परफॉरमेंस। यहाँ रिफाइनिंग मार्जिन्स थोड़े ठंडे पड़े थे लेकिन रिटेल और जियो ने बैलेंस संभाला।
सेगमेंट की कहानी: कौन जीता, कौन हारा?
रिलायंस एक हाथी की तरह है जिसके कई अंग हैं। चलिए देखते हैं इस बार किसने बाजी मारी:
1. Jio Platforms (Digital Services)
जियो अब सिर्फ सिम कार्ड नहीं बेच रहा, यह AI और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड का राजा बन रहा है।
- Net Profit: ₹7,629 करोड़ (11.2% YoY ग्रोथ)।
- ARPU (Average Revenue Per User): ₹213.7 तक पहुँच गया है।
- Highlights: 5G सब्सक्राइबर्स की संख्या 250 मिलियन पार कर गई है।
2. Reliance Retail
“जहाँ देखो वहां रिलायंस” – यह कहावत सच हो रही है।
- Revenue: ₹97,605 करोड़।
- Store Count: अब रिलायंस के पास 19,979 स्टोर्स हैं (लगभग 20,000!)।
- Insight: कंपनी अब ‘Hyper-local’ डिलीवरी पर फोकस कर रही है।
3. O2C (Oil to Chemicals)
यह रिलायंस का पुराना और सबसे भरोसेमंद घोड़ा है।
- EBITDA: ₹16,507 करोड़ (14.6% की शानदार बढ़त)।
- Reason: फ्यूल मार्जिन्स में सुधार और ग्लोबल डिमांड ने इस सेगमेंट को बूस्ट दिया।
क्या रिलायंस का शेयर अब मल्टीबैगर बनेगा?
इन्वेस्टर्स के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है। जनवरी 2026 में रिलायंस का शेयर अपने हाई से करीब 7-8% नीचे ट्रेड कर रहा है।
एक्सपर्ट ओपिनियन: * Technical View: शेयर अभी अपने 200-day EMA के पास सपोर्ट ले रहा है (करीब ₹1,440-₹1,450 के लेवल पर)। अगर यह यहाँ संभलता है, तो रिकवरी आ सकती है।
- Fundamental View: Goldman Sachs जैसे बड़े ब्रोकर्स ने ₹1,800+ का टारगेट दिया है। उनका मानना है कि रिटेल और जियो का IPO (Listing) आने वाले समय में बड़ा ट्रिगर होगा।
रिस्क और चुनौतियां
मार्केट में कुछ भी 100% नहीं होता, रिलायंस के लिए भी कुछ रेड फ्लैग्स हैं:
- High Debt: भारी निवेश की वजह से कर्ज का लेवल बढ़ा है।
- Global Uncertainty: कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव O2C मार्जिन्स को बिगाड़ सकता है।
- New Energy Focus: सोलर और हाइड्रोजन बिजनेस में पैसा बहुत लग रहा है, लेकिन वहां से मोटा मुनाफा आने में अभी 2-3 साल और लग सकते हैं।
निष्कर्ष: क्या करें इन्वेस्टर्स?
रिलायंस एक ऐसी कंपनी है जिसे आप ‘Long Term’ पोर्टफोलियो का हिस्सा मान सकते हैं। Reliance Industries Q3 results history दिखाती है कि कंपनी ने हर मुश्किल दौर में खुद को बदला है।
- Beginners के लिए: अगर आप सेफ खेलना चाहते हैं, तो गिरावट पर थोड़ा-थोड़ा (SIP mode) जमा करें।
- Traders के लिए: जब तक शेयर ₹1,520 के ऊपर क्लोजिंग न दे, तब तक एग्रेसिव बाइंग से बचें।
Next Steps: आप कंपनी की Official Investor Relations वेबसाइट पर जाकर पूरी प्रेजेंटेशन देख सकते हैं या अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से चर्चा कर सकते हैं।
FAQs
रिलायंस का Q3 FY26 प्रॉफिट कितना रहा?
रिलायंस का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹18,645 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग फ्लैट (0.6% ग्रोथ) है।
क्या रिलायंस इस साल डिविडेंड देगा?
आमतौर पर रिलायंस AGM (Annual General Meeting) के आसपास डिविडेंड घोषित करता है। Q3 नतीजों में फिलहाल कोई नया डिविडेंड अनाउंस नहीं हुआ है।
जियो का IPO कब आएगा?
मैनेजमेंट ने फिलहाल कोई फिक्स तारीख नहीं दी है, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि 2026 के अंत तक जियो या रिटेल में से कोई एक लिस्ट हो सकता है।
क्या रिलायंस का शेयर ₹2000 तक जाएगा?
लॉन्ग टर्म टारगेट्स पॉजिटिव हैं, लेकिन ₹2000 के लिए कंपनी के न्यू एनर्जी बिजनेस का सफल होना ज़रूरी है।
Disclaimer
यह आर्टिकल सिर्फ एजुकेशनल पर्पस के लिए है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी फैसले से पहले खुद की रिसर्च करें या SEBI रजिस्टर्ड एक्सपर्ट की सलाह लें।
