आज 7 जनवरी, 2026 को सकट चौथ का पावन पर्व मनाया जा रहा है। सुहागिन महिलाओं और माताओं के लिए यह दिन बेहद खास होता है क्योंकि वे अपनी संतान की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। लेकिन इस व्रत की सबसे बड़ी चुनौती और उत्सुकता एक ही सवाल पर टिकी होती है— chand kab niklega aaj?
बिना चाँद को अर्घ्य दिए यह व्रत पूरा नहीं माना जाता। ठंड के मौसम में अक्सर कोहरे की वजह से चाँद दिखने में देरी हो जाती है, जिससे इंतजार और बढ़ जाता है। अगर आप भी बेसब्री से आसमान की ओर देख रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है।
Table of Contents
इस पोस्ट में आपको क्या मिलेगा:
- आपके शहर में चंद्रोदय (Moonrise) का सटीक समय।
- सकट चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि।
- चाँद न दिखने पर अर्घ्य देने का विकल्प।
Sakat Chauth 2026: आज का धार्मिक महत्व
सकट चौथ, जिसे संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है, भगवान गणेश को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि आज के दिन व्रत रखने से परिवार के सारे संकट (सकट) दूर हो जाते हैं। 2026 में यह व्रत जनवरी की कड़ाके की ठंड में पड़ा है, इसलिए सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही ज़रूरी है।
अक्सर लोग गूगल पर सर्च करते हैं कि chand kab niklega aaj, क्योंकि शास्त्रों के अनुसार चतुर्थी तिथि में चंद्रमा के दर्शन और पूजन का विशेष फल मिलता है। आज के दिन “सकट माता” की कहानी सुनी जाती है और तिल-गुड़ के लड्डू (तिलकुटा) का भोग लगाया जाता है।
City-wise Moonrise Time: आपके शहर में आज चाँद कब निकलेगा?
भारत के अलग-अलग हिस्सों में भौगोलिक स्थिति (geographical location) के कारण चाँद निकलने के समय में कुछ मिनटों का अंतर होता है। नीचे दी गई टेबल में प्रमुख शहरों का अनुमानित समय दिया गया है:
| शहर (City) | चंद्रोदय का समय (Moonrise Time) |
| दिल्ली (Delhi) | रात 08:55 PM |
| मुंबई (Mumbai) | रात 09:22 PM |
| लखनऊ (Lucknow) | रात 08:42 PM |
| पटना (Patna) | रात 08:33 PM |
| जयपुर (Jaipur) | रात 09:03 PM |
| चंडीगढ़ (Chandigarh) | रात 08:52 PM |
Note: कोहरे या बादलों की वजह से आपके इलाके में चाँद दिखने में 10-15 मिनट की देरी हो सकती है। आप सटीक अपडेट के लिएAaj Takजैसी विश्वसनीय न्यूज़ वेबसाइट पर भी नजर रख सकते हैं।
कोहरा और बादलों का असर: अगर चाँद न दिखे तो क्या करें?
जनवरी का महीना है, तो ज़ाहिर है कि उत्तर भारत में धुंध (Fog) काफी हो सकती है। ऐसे में अगर आपको आसमान में चाँद साफ़ न दिखाई दे, तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। ज्योतिष शास्त्र और पंडितों के अनुसार आप इन विकल्पों को अपना सकते हैं:
- Calendar Time: पंचांग में दिए गए चंद्रोदय के समय के अनुसार आप अर्घ्य दे सकते हैं।
- Mental Worship: भगवान गणेश का ध्यान करें और मानसिक रूप से चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करें।
- Location Apps: आप अपने स्मार्टफोन में ‘Sky Map’ जैसे apps का इस्तेमाल करके चाँद की दिशा (Direction) का पता लगा सकते हैं।
सकट चौथ पूजा विधि और सावधानियां
व्रत खोलते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है ताकि आपकी मेहनत और श्रद्धा सफल हो:
- अर्घ्य की थाली: चांदी या तांबे के लोटे में जल, दूध, अक्षत (चावल) और फूल मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें।
- गणेश वंदना: अर्घ्य देने से पहले ‘ओम गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप ज़रूर करें।
- Break the Fast: व्रत खोलने के लिए सबसे पहले तिलकुटा या घर का बना सात्विक भोजन ही लें।
किसके लिए यह व्रत सबसे ज्यादा फलदायी है?
सकट चौथ का व्रत हर कोई रख सकता है, लेकिन ये 3 category के लोग इसे विशेष रूप से करते हैं:
- माताएं (Mothers): अपनी संतान की सुरक्षा, अच्छी सेहत और तरक्की के लिए।
- विद्यार्थी (Students): भगवान गणेश बुद्धि के देवता हैं, इसलिए अच्छी एकाग्रता (concentration) के लिए उनकी पूजा की जाती है।
- करियर ओरिएंटेड लोग: अगर आपके काम में बार-बार बाधाएं (hurdles) आ रही हैं, तो संकष्टी चतुर्थी का व्रत शुभ माना जाता है।
सावधानियां और रिस्क फैक्टर्स
धार्मिक आस्था अपनी जगह है, लेकिन सेहत सबसे ऊपर है। इन बातों का ख्याल रखें:
- Health First: अगर आप बीमार हैं, प्रेग्नेंट हैं या आपको Diabetes जैसी समस्या है, तो निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
- Hydration: व्रत खोलने के बाद अचानक बहुत सारा पानी या भारी खाना न खाएं, इससे पेट खराब हो सकता है।
- Weather Awareness: ठंड बहुत है, इसलिए चाँद के इंतज़ार में छत पर ज्यादा देर बिना गर्म कपड़ों के न रहें।
- Authentic Info: सोशल मीडिया पर फैलने वाले गलत ‘चंद्रोदय समय’ से बचें और हमेशा प्रमाणित पंचांग या भरोसेमंद न्यूज़ पोर्टल्स को ही फॉलो करें।
निष्कर्ष (Conclusion)
आज का दिन श्रद्धा और विश्वास का संगम है। हमने ऊपर जो समय बताए हैं, वे गणना (calculation) पर आधारित हैं। “chand kab niklega aaj” यह सवाल सिर्फ एक समय जानने की जिज्ञासा नहीं, बल्कि एक माँ की अपनी संतान के प्रति अटूट ममता का प्रतीक है।
अगर चाँद दिखने में देरी भी हो, तो धैर्य रखें। आप इस दौरान गणेश चालीसा का पाठ कर सकते हैं या सकट माता की कथा पढ़ सकते हैं। पूजा संपन्न होने के बाद अपने बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना न भूलें।
अगला कदम: अपने शहर का सटीक समय जानने के लिए आप स्थानीय मंदिर के पुजारी से संपर्क कर सकते हैं या अपने फ़ोन में वेदर अपडेट्स चेक कर सकते हैं।
FAQs: आपके मन में उठने वाले आम सवाल
1. आज सकट चौथ पर चाँद निकलने का सही समय क्या है?
आज यानी 7 जनवरी 2026 को दिल्ली में चाँद रात लगभग 08:55 बजे निकलेगा। अन्य शहरों के लिए समय 08:30 से 09:30 के बीच रहेगा।
2. क्या बिना चाँद देखे व्रत तोड़ा जा सकता है?
धार्मिक नियमों के अनुसार, चंद्र दर्शन के बाद अर्घ्य देना अनिवार्य है। हालांकि, कोहरे की स्थिति में पंचांग के समय के अनुसार पूजा की जा सकती है।
3. सकट चौथ पर किस देवता की पूजा होती है?
इस दिन मुख्य रूप से भगवान गणेश (लंबोदर) और सकट माता की पूजा की जाती है।
4. तिलकुटा क्या होता है और इसका महत्व क्या है?
तिल और गुड़ को कूटकर बनाया गया प्रसाद ‘तिलकुटा’ कहलाता है। यह प्रसाद ठंड में शरीर को ऊर्जा देता है और भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय है।
Disclaimer
यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी (Informational Purpose) के लिए है। चंद्रोदय का समय अलग-अलग पंचांगों में थोड़ा भिन्न हो सकता है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या स्वास्थ्य संबंधी निर्णय के लिए विशेषज्ञों या ज्योतिषियों से सलाह अवश्य लें।
