मुख्य बिंदु (Key Highlights)
This is the reason why you should check this Used Car Buying Guide.
- बजट प्लानिंग: पुरानी कार खरीदते समय इंश्योरेंस और ट्रांसफर फीस का बजट अलग रखें।
- सत्यापन (Verification): गाड़ी के सर्विस रिकॉर्ड और RC पर हाइपोथेकेशन (Hypothecation) जरूर चेक करें।
- पसंदीदा मॉडल: भारत में Maruti Swift, WagonR और Hyundai i20 सेकंड हैंड मार्केट की ‘Hot’ गाड़ियाँ हैं।
- इंस्पेक्शन: हमेशा दिन की रोशनी में गाड़ी का निरीक्षण करें ताकि पेंट और डेंट साफ दिखें।

The Hidden Details
- The 15-Year Rule: दिल्ली-NCR में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध है। दूसरे राज्यों के खरीदारों को ‘NOC’ की जटिलता समझनी चाहिए।
- Flood-Affected Cars: मानसून के बाद मार्केट में बाढ़ से प्रभावित (Flood-affected) गाड़ियाँ सस्ते में आती हैं। इनके इलेक्ट्रिकल पार्ट्स में जंग लगने का खतरा रहता है, जिसे साधारण मैकेनिक नहीं पहचान पाते।
Best Value Used Cars in India 2025
| कार मॉडल (Car Model) | अनुमानित कीमत (Used Price) | बेस्ट साल (Ideal Model Year) | क्यों खरीदें? (USP) |
| Maruti Swift | ₹3.5L – ₹5.5L | 2017-2020 | कम मेंटेनेंस, हाई रीसेल |
| Honda City | ₹5.0L – ₹8.0L | 2015-2019 | प्रीमियम फील और इंजन भरोसा |
| Hyundai i10 Grand | ₹3.0L – ₹4.5L | 2016-2018 | सिटी ड्राइविंग के लिए बेस्ट |
| Toyota Innova | ₹8.0L – ₹14.0L | 2014-2017 | लॉन्ग लाइफ, 7-सीटर किंग |
Used Car Buying Guide: सेकंड हैंड कार खरीदने का ‘प्रो’ तरीका
भारत में पुरानी कार खरीदना अब पहले जैसा जोखिम भरा नहीं रहा, बशर्ते आप सही कदम उठाएं। Cardekho और Cars24 जैसे प्लेटफॉर्म्स ने इसे आसान बनाया है, लेकिन एक स्मार्ट खरीदार के रूप में आपको इन 3 चरणों का पालन करना चाहिए:
1. डॉक्यूमेंटेशन की बारीकी से जाँच (The Paperwork)
सिर्फ RC देखना काफी नहीं है। आपको ‘Form 29’ और ‘Form 30’ के साथ-साथ पिछले मालिक का इंश्योरेंस क्लेम रिकॉर्ड भी चेक करना चाहिए। अगर गाड़ी का बार-बार इंश्योरेंस क्लेम लिया गया है, तो समझ लीजिए कि वह एक्सीडेंटल हो सकती है।
2. टेस्ट ड्राइव और ‘कोल्ड स्टार्ट’ टेस्ट
गाड़ी को हमेशा तब स्टार्ट करें जब उसका इंजन ठंडा हो। अगर स्टार्ट होते समय इंजन से भारी आवाज़ या धुआं आ रहा है, तो पिस्टन में समस्या हो सकती है। टेस्ट ड्राइव के दौरान सस्पेंशन की आवाज़ सुनने के लिए उबड़-खाबड़ रास्तों पर चलाएं।
3. सर्टिफाइड प्री-ओन्ड (Certified Pre-owned) क्यों?
अनऑर्गनाइज्ड डीलर्स के मुकाबले सर्टिफाइड प्लेटफॉर्म्स से कार लेना बेहतर है क्योंकि वे 150+ चेकपॉइंट्स की गारंटी और कुछ महीनों की वारंटी भी देते हैं।
Behind the Scenes: डीलर की चालाकी कैसे पकड़ें?
क्या आप जानते हैं कि कई डीलर कार की चमक बढ़ाने के लिए ‘इंजन वॉश’ और ‘मीटर टेंपरिंग’ (रीडिंग कम करना) का सहारा लेते हैं? हमेशा टायर की घिसावट देखें; अगर मीटर 20,000 किमी दिखा रहा है लेकिन टायर पूरी तरह घिस चुके हैं, तो समझ जाइए कि मीटर के साथ छेड़छाड़ हुई है।
FAQs
क्या पुरानी कार पर लोन मिल सकता है?
हाँ, लेकिन सेकंड हैंड कार पर ब्याज दर (Interest Rate) नई कार के मुकाबले 2-4% ज्यादा होती है।
कितने किलोमीटर चली हुई पुरानी कार खरीदना सही है?
पेट्रोल कार के लिए 50,000-60,000 किमी और डीजल के लिए 80,000 किमी तक की गाड़ी एक सुरक्षित सौदा मानी जाती है।
ओनरशिप ट्रांसफर (RC Transfer) में कितना समय लगता है?
आमतौर पर RTO प्रक्रिया में 30 से 45 दिन का समय लगता है।
